उस मालिक के सिवा जगत में नहीं कोई दूजा करतार
सत्य, अहिंसा, करुणा, कृपा, ब्रह्मज्ञान, संयम और सेवानियम धर्म भक्ति नैतिकता, शुद्ध सनातन की परिभाषा
उस मालिक के सिवा जगत में नहीं कोई दूजा करतारनबी रसूल मुहम्मद साहब जगतगुरु अंतिम अवतार
वाहिद एक वही करतारअहद अकेला सर्जन हारउसकी कु़दरत अपरंपारपूज उसी को पूज गंवार
उस मालिक के सिवा जगत में नहीं कोई दूजा करतारनबी रसूल मुहम्मद साहब जगतगुरु अंतिम अवतार
एक अकेला वही है दाताअमर अगोचर अजर विधाताउसी की महिमा उसी की गाथाअपरंपार वही जग दाता
उस मालिक के सिवा जगत में नहीं कोई दूजा करतारनबी रसूल मुहम्मद साहब जगतगुरु अंतिम अवतार
फूल में जैसे बास बसत हैहर दम हर...