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रमज़ान हर बन्दें के लिए नेमत

अल्लाह तआला फरमाता है : रमज़ान के महीने में कुरआन नाज़िल किया गया । (सूरह बकरा) इस आयत में ग़ौर करने से मालूम होता है कि रमज़ान को तमाम महीनों में इस तरह भी फज़ीलत हासिल है कि इसमें कुरआन जैसी मुकद्दस किताब उतारी गई, इस एतबार से देखा जाए तो रमज़ान शरीफ तमाम ...

अल्लाह की किताबों का अक़ीदा

मैं अकीदा रखता हूँ कि जो सहीफे पैगम्बरों पर नाज़िल हुए हैं, हक़ हैं । और उनकी तसरीह जिस तरह हदीसों से साबित है हक़ है । और वो सब एक सौ चार हैं । आदम पर दस, शीष पर पचास, इदरीस पर तीस, इब्राहीम पर दस । अलैहिमुस्सलाम और चार किताबें जो चार पैगम्बरों ...

शायद कि उतर जाए तेरी दिल में मेरी बात

यूँ तो इस्लामी साल का हर महीना किसी न किसी खूबी का मालिक है लेकिन रमज़ान की अपनी एक अलग खूबी है । इस महीने का हर लम्हा खैर-व-बरकत में डूबा हुआ है, इस महीने में अल्लाह बेशुमार इनआमात की बारिशें करता है, जैसे रोज़ा, सेहरी, इफ्तार, तरावीह, शबे क़दर, एतकाफ, तिलावत, सदका-ए-फितर जैसे नेक ...