अच्छे आमाल करने के लिए अल्लाह की ज़ात व सिफ़ात पर विश्वास पैदा करें: मौलाना ज़ियाउर्रहमान अलीमी

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ख़ानक़ाह ए अरिफिया में हर शुक्रवार को क्षेत्रीय स्तर पर मजलिस ए इस्लाह ए अक़ीदह का आयोजन

अल्लाह अकेले सारी सृष्टि का मालिक है। उसने बन्दों को अपनी इबादत के लिए पैदा किया है ताकि जो नेक बंदे हों उसे अपना नज़दीकी प्रदान करे और आख़िरत में अच्छा प्रतिफल दे और जो शरारत ए नफ़सानी के कारण पापों में शामिल हुए उन को अज़ाब में गिरफ्तार करे। इन बातों का इज़हार, शिक्षक जामिया अरिफिया, सैयद सरावां मौलाना ज़ियाउर्रहमान अलीमी ने की। आप ने हर शुक्रवार को ख़ानक़ाह ए आरिफा में आयोजन होने वाले मजलिस इस्लाह ए अक़ीदह कार्यक्रम में अधिक बताया कि जिस तरह अल्लाह की ज़ात पर हमारा विश्वास है इसी तरह उस की सिफ़ात पर भी हम विश्वास पैदा करने की कोशिश करें। अल्लाह की सिफ़ात में से समी व बसीर होना भी है जिसका मतलब यह हुआ कि अल्लाह सुनने और देखने वाला है। जब हम अपने व्यावहारिक जीवन में इस बात को हर समय याद रखेंगे की अल्लाह हमारी हर बात को सुन रहा है और हमारी हर हरकत पर उसकी नजर है तो हम रहीम व करीम रब के सामने ऐसी बात करना पसंद नहीं करेंगे जो उसको नाराज करे या ऐसे कामों से भी हम बचने की कोशिश करेंगे जिससे वह नाराज होता हो।

कार्यक्रम में जामिया अरिफिया के छात्रों ने भाग लिया और विशेष रूप से क्षेत्र के आम लोग पर्याप्त शरीक हुए।

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