जामिया आरिफ़िया में बारह वर्षीय ग़ज़ाली डे मुसाब्का उत्सव समाप्त हुआ ।

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सफल छात्रों को नाज़िम ए आला शैख़ हसन सईद सफी के द्वारा प्रमाण पत्र और शील्ड दिये गए ।

जामिया आरिफ़िया, सैयद सरावां में 5 जनवरी से 8 जनवरी तक ” जश्न ए यौमे ग़ज़ाली” के अवसर पर सालाना तालीमी एवं सकाफ़ती मुसाब्का में सफल छात्रों को जामिया आरिफ़िया के नाज़िम ए आला शेख़ हसन सईद सफ़वी के हाथों प्रमाणपत्र और शील्ड से सम्मानित किया गया ।

जमियत अल्तलबा की जानिब से इस साल आयोजित प्रतियोगिता प्रोग्राम में लगभग 400 छात्रों ने भाग लिया । 8 जनवरी 2018 को तक़सीम ए इनआम का आयोजन हुआ जिसमें सफलता पाने वालों को पुरस्कार से नवाज़ा गया । पोजीशन हासिल करने वाले विद्यार्थियों की तफ़सील इस प्रकार है:

हिफ्ज़ ए क़ुरान प्रतियोगिता में मोहम्मद अहमद (हिफ्ज़ क्लास), शहज़ाद आलम (हिफ्ज़ क्लास), ज़ीशान अहमद (हिफ्ज़ क्लास) ने प्रथम, सैकैंड और थर्ड पोजीशन प्राप्त किया । मुकम्मल हिफ्ज़ ए क़ुरान प्रतियोगिता में अयान करीमी (उला क्लास), मतलूब रज़ा (सादसा क्लास), लियाक़त हुसैन (एदादिया क्लास) । क़ीरत प्रतियोगिता में, अबू साद (हिफ्ज़ क्लास), आज़म हुसैन (हिफ्ज़ क्लास), फु़र्कानूल्लाह (सलिसा क्लास) । नहव व सर्फ़ प्रतियोगिता में मुहम्मद सालिम (सलिसा क्लास), आदिल खान (सलिसा क्लास), मोहम्मद इरफान (सानिया क्लास), साबिर हुसैन (सानिया क्लास), मोहम्मद ज़ुबैर (सलिसा क्लास) ने प्रथम, सेकेंड, थर्ड, तुरथ और पांचवां स्थान जीता । हिफ्ज़ ए हदीस परतियोगिता में मुहम्मद उमर रजा (एदादिया क्लास), मोहम्मद हसनैन (उला क्लास), शमशेर अली (उला क्लास) । जनरल नॉलेज परतियोगिता में गुलाम मुर्तज़ा (उला क्लास), मोहम्मद नदीम (एदादिया क्लास), मुहम्मद ताबिश (एदादिया क्लास) । अरबी मुहादिसा परतियोगिता में मोहम्मद दानिश (उला क्लास), ओबैद रज़ा (उला क्लास), नसीम खान (उला क्लास) । ओसुल ए हदीस प्रतियोगिता में वसीम अकरम (खाम्सा क्लास), मोहम्मद कौनैन (सामीना क्लास), मोहम्मद शराफत हुसैन (साबिया क्लास), मुहम्मद शौकत (सादसा क्लास), अहमद रज़ा (खामसा क्लास) । ओसुल ए फ़िक्ह प्रतियोगिता में मोहम्मद सुफियान (राबिया क्लास), मोहम्मद अफ्फान (राबिया क्लास), मुहम्मद अकरम रज़ा (राबिया क्लास), मोहम्मद फैज़ान ननमई (खामसा क्लास), मोहम्मद कौसर (सबिया क्लास) । उर्दू तकरीर परतियोगिता में तनवीर अहमद (राबिया क्लास), शाह वेज़ आलम (राबिया क्लास), अब्दुर्रहमान जामी (राबिया क्लास) । अरबी तक़रीर प्रतियोगिता में वसीम अकरम (खामसा क्लास), शाह वेज़ आलम (राबिया क्लास), हामिद रजा (खामसा क्लास) । अंग्रेजी तक़रीर प्रतियोगिता में मज़हर अंसारी (खाम्सा क्लास), मोहम्मद आलम (सदिसा क्लास), वासीम अकरम (खाम्सा क्लास) । उर्दू मक़ाला निगारी प्रतियोगिता में मोहम्मद अफ्फान (राबिया क्लास), गुलाम गौस (राबिया क्लास), अहमद सफ़ी (साबिया क्लास) । अरबी मक़ाला निगारी प्रतियोगिता में मोहम्मद शराफत हुसैन (साबिया क्लास), मोहम्मद रफ़ाक़त हुसैन (राबिया क्लास), मोहसिन रजा (खामसा क्लास)। मुबाहिसा परतियोगिता में अंजुम राही (सामिना क्लास), फैज़ुल अज़ीज़ (दावा क्लास), ज़ैनुलआबेदीन (दावा क्लास) ।

क़ाबिल ए ज़िक्र बात यह है कि इस अवसर पर छात्र संगठन हर साल अपने शिक्षकों और अन्य ख़िदमत गुज़ारों को उपहार प्रस्तुत करता है । साल इस जमियत ने सब से पहले संस्थापक जामिया दाई ए इस्लाम शैख़ अबू सईद शाह एह्सनुल्लाह मुहम्मदी सफ़वी की बारगाह में शाल पेश किया, फिर उसके बाद दाई ए इस्लाम के हाथों सभी शिक्षकों और ख़ुद्दाम की सेवा में शॉल के नज़राने पेश किए गए । यह दृश्य देखे जाने योग्य था कि छात्रों, शिक्षकों और आम प्रतिभागी ने इस कदम को पसंदीदगी की निगाह से देखा और कामयाब प्रतियोगी कार्यक्रम के आयोजन पर जामिया के शिक्षकों ने जमियत अल्तलबा की हौसला अफज़ाई करते हुए कहा की ये क़दम अन्य मदारिस के छात्रों के लिए नमुनए अमल है और इस तरह के कार्यक्रम को उनके लिए एक आदर्श बताया और कहा कि इस तरह के कार्यक्रम से छात्रों की छुपी हुई सलाहियतें जागृत होती हैं और भविष्य में छात्रों के अन्दर अपनी ज़िम्मेदरियों की अदा करने का हुनर और तजरबा पैदा होता है ।

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