जामिया आरफिया का शहीदों के सपनों का भारत बनाने का वचन

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इस मौके पर हसन सईद और प्रिंसिपल जामिया आरफिया सैयद सरावां व दूसरे जिम्मेदारों ने तिरंगे को फहराया और देश की कामयाबी और उन्नति के लिए दुआ की. उन्होंने कहा कि भारत की आजादी के लिए सभी समुदाय के लोगों ने कुर्बानी दी है.

इलाहाबाद: 15 अगस्त 2019 के शुभ अवसर पर जामिया आरफिया सैयद सरावां में स्वतंत्र दिवस को लेकर जश्न ए आजादी का भव्य प्रोग्राम आयोजित किया गया जिसमें जामिया आरफिया सैयद सरावां की ओर से जामिया के संस्थापक शैखुल इस्लाम हुज़ूर अबू सईद सफ़वी उर्फ़ मियां हुजूर के पुत्र हसन सईद सहित जामिया आरफिया सैयद सरावां के प्रिंसिपल जिम्मेदारों और बच्चों की एक बड़ी तादाद ने शिरकत की और हिंदुस्तान जिंदाबाद की जमकर नारेबाजी की.

 इस मौके पर हसन सईद और प्रिंसिपल जामिया आरफिया सैयद सरावां व दूसरे जिम्मेदारों ने तीन रंगों वाले तिरंगे को फहराया और देश की कामयाबी और उन्नति के लिए दुआ की. उन्होंने कहा कि भारत की आजादी के लिए सभी समुदाय के लोगों ने कुर्बानी दी है.

 बापू और शहीदों की कोशिश थी एक ऐसा भारत बनाने की जिसमें सब के साथ न्याय हो. सबको रोटी कपड़ा और मकान मिले, सबको शिक्षा और स्वास्थ्य की सुविधाएं मिलें, चलने के लिए सड़क हो पीने के लिए पानी हो पढ़ने के लिए अच्छे स्कूल कॉलेज और यूनिवर्सिटीज़ हों, सबको अपने मज़हब पर चलने की पूरी पूरी आजादी मिले.

उन्होंने कहा कि गांधी जी भी यही चाहते थे कि एक ऐसा भारत बने जिसमें किसी के साथ कोई भेदभाव ना हो. और हिंसा के लिए कोई जगह ना हो. उन्होंने कहा कि आज हम सब लोगों को इस बात का वचन लेना है कि हम बापू के सपनों का भारत बनाएंगे. ऐसा भारत जिस में अशफाक उल्लाह खान वीर अब्दुल हमीद शहीद भगत सिंह बिस्मिल और आज़ादी के लिए अपनी जान देने वाले हिन्दू मुस्लिम सिख ईसाई सभी समाज के लाल और भारत के सपूतों को सच्ची श्रद्धांजलि तभी होगी जब हम उनके सपनों का भारत बनाएं जिसमें हिंसा के लिए कोई जगह ना हो और किसी के साथ किसी तरह का कोई भेदभाव ना हो.

 उन्होंने कहा कि जामिया शहीदों के सपनों को साकार करने की दिशा में पूरी ताकत से काम कर रहा है और हम इस बात का वचन लेते हैं कि हम हमेशा ऐसे कार्य करते रहेंगे जिस से शहीदों के सपनों को साकार किया जा सके और एक शिक्षित भारत बनाने में जो भी योगदान दे सकते हैं उसको देना हमारी पहली प्राथमिकता होगी, शिक्षा के साथ संस्कार शिक्षा के साथ सौहार्द और शिक्षा के साथ समानता और शिक्षा के साथ क्वालिटी यही हमारा वचन है.

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